Friday, 10 July 2020

चतुर प्राणी और मूर्ख प्राणी किसे कहते हैं

चतुर प्राणी और मूर्ख प्राणी किसे कहते हैं 

यह दोनों प्रकार के इंसान सच्ची भक्ति से दूर रहते हैं सच्ची भक्ति नहीं कर सकते।

जो सद भगति नहीं करते हैं वह मूड होते हैं गीता में बताया है जो मनुष्य ज्ञान को जानकर भी सद्भक्ति नहीं करता है वह मूर्ख है उसकी आंखों में मोतियाबिंद हो गया है जो परमात्मा के प्यारे बच्चे बुनियाद में होते हैं वह लोग सत्य ज्ञान को सुनकर उसे स्वीकार करते हैं और आजीवन सद्भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करते हैं।

चतुर प्राणी है जो गीता की आड़ लेकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं और अपना धंधा चलाते हैं उनसे पैसे लेते हैं गीता की आड़ में गीता का ज्ञान बिल्कुल भी नहीं देते हैं इधर उधर की कहानियां सुना देते हैं और लोग तालियां बजा देते हैं उन्हें चतुर प्राणी कहा गया है
 जो मन मुखी साधनाएं करवाते हैं। 



चतुर प्राणी चोर है मुड़ मुखड़ है थोठ। 
ये संतों के ना काम के, इनके दो गलजोट।।

मूड इंसान वह है जो सच्चा ज्ञान पाकर भी उसे समझ कर भक्ति नहीं करता है।

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