जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई ,धर्म नहीं कोई न्यारा।।
होली (holi)
होली का त्योहार हमारे देश भारत में मनाये जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है|
इस दिन सभी लोग मस्ती में सराबोर होकर मौज मानते हैं
रंगो का त्योहार होली भारत के चार बड़े पर्वों में से एक है। यह पर्व फागुनी पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात् चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को धूमधाम से मनाया जाता है। यह रंगों संगीत और प्रेम का पर्व है। सभी लोग इस पर्व में बड़े उत्साह उमंग एवं मस्ती से भाग लेते हैं।
।।जीवन में नवजीवन भरने
ता होली का त्योहार
भ्रातृत्व समता सिखलाते
करते भेंट प्रेमोपहार।।
प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा हुआ था। वह स्वयं को परमात्मा कहकर अपनी प्रजा से कहता था कि वह केवल उसी की पूजा की जाए। बेचारी प्रजा क्या करती डरकर उसी की उपासना किया करती थी। उस का पुत्र प्रहलाद- जिसे कभी मुनि नारद ने आकर विष्णु का मंत्र जपने की प्रेरणा दी थी- अपने पिता की बात न मान कर भगवान् विष्णु ही का जप करता रहता था। अपने पुत्र के द्वारा की जाने वाली आज्ञा की यह अवहेलना हिरण्यकश्यप से सहन नहीं हुई और वह अपने पुत्र को मरवाने योजना बनायी। एक दिन उसकी बहिन होलिका-जो आग में जल नहीं सकती थी- प्रहलाद को लेकर जलती चिता में कूद गई। किन्तु प्रह्लाद का बाल-बाँका नहीं हुआ और होलिका भयानक आग में जलकर राख हो गई। इस प्रकार होली के त्योहार को एक भगवान द्वारा भक्त की रक्षा की स्मृति में एवं सत्य की असत्य पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
यह अभी तक जो हमने आपको बताया है यह आपने काफी बार सुना होगा कि होली क्यों मनाई जाती है पहलाद कौन है होली के दिन कैसे धूमधाम से लोग मस्तियां करते रहते हैं।
लेकिन अभी तक आपको आध्यात्मिक ज्ञान पता नहीं है हम बस होली यूं ही इंजॉय के लिए मना रहे हैं हम यह नहीं सोचते हैं कि पहलाद जी को भगवान ने बचाया,वह भगवान कौन है?
और इतना छोटा सा बच्चा इतनी अच्छी भक्ति कर रहा है कि परमात्मा उससे खुश हुए और हम अपने जीवन में क्या कर रहे हैं 😢
कोई भी इंसान सच्चे मन से भक्ति करता है तो परम पिता परमात्मा स्वयं उसकी रक्षा के लिए आते हैं पहलाद सच्चे मन से भक्ति करता था विष्णु भगवान की, लेकिन उसकी रक्षा करने के लिए कबीर साहेब जो सब के दादा है वह आए थे जब भी कोई सच्चे मन से निस्वार्थ भाव से भक्ति करते हैं तो कबीर साहेब आते हैं और उन्हें लाभ देते हैं उनका कल्याण करते हैं।
विश्व में एक ही सच्चे गुरु है जो है संत रामपाल जी महाराज जो हमें हमारे सभी शास्त्रों के गुढ रहस्य बताते हैं हमें शास्त्रों को खोल खोल कर बताते हैं कि आखिर इन में क्या ज्ञान दिया है।
हमारा मनुष्य जन्म बहुत ही अनमोल है वह हमें परमात्मा ने भक्ति करने के लिए दिया है लेकिन हम उसे व्यर्थ गवा देते हैं 😢
खाने पीने और ऐसे शौक मौज में जिससे कोई फायदा नहीं होता है। परमात्मा किस उद्देश्य से हमें जन्म देते हैं वह उद्देश्य तो हम सब भूल ही चुके हैं
🙇🏼♀संत रामपाल जी महाराज ने 🙏🏻सच्चा ज्ञान देकर वापस हमें अपनी मनुष्य जीवन का उद्देश्य याद दिलाया है और बताया है कि हमारे परमात्मा हमें इस काल की जेल से छुड़ाने के लिए बार-बार आते हैं लेकिन हम इतने नालायक हैं कि इतनी आसान भक्ति भी नहीं करते हैं😢 और शौक मौज में उलझे रहते हैं।
सब लोग होली मनाते हैं लेकिन यह नहीं सोचते कि हमें भी प्रहलाद की तरह भक्ति करनी चाहिए ताकि परमात्मा हमारी रक्षा करें
मेरी इन बातों पर आप जरूर विचार करें और पढ़ें ज्ञान गंगा पुस्तक
अधिक जानकारी के लिए पवित्र पुस्तक "ज्ञान गंगा" निःशुल्क प्राप्त करें। अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर हमें Whatsapp करें 7496801825
देखें ईश्वर tv 8:30 pm
"जीने की राह" पुस्तक में वो अनमोल खजाना छुपा हुआ है जिसको पाने के बाद सभी प्रकार की व्यर्थ की इच्छाएं समाप्त हो जाती हैं।
https://news.jagatgururampalji.org/how-to-celebrate-real-holi/
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होली (holi)
होली का त्योहार हमारे देश भारत में मनाये जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है|
इस दिन सभी लोग मस्ती में सराबोर होकर मौज मानते हैं
रंगो का त्योहार होली भारत के चार बड़े पर्वों में से एक है। यह पर्व फागुनी पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात् चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को धूमधाम से मनाया जाता है। यह रंगों संगीत और प्रेम का पर्व है। सभी लोग इस पर्व में बड़े उत्साह उमंग एवं मस्ती से भाग लेते हैं।
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ता होली का त्योहार
भ्रातृत्व समता सिखलाते
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प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा हुआ था। वह स्वयं को परमात्मा कहकर अपनी प्रजा से कहता था कि वह केवल उसी की पूजा की जाए। बेचारी प्रजा क्या करती डरकर उसी की उपासना किया करती थी। उस का पुत्र प्रहलाद- जिसे कभी मुनि नारद ने आकर विष्णु का मंत्र जपने की प्रेरणा दी थी- अपने पिता की बात न मान कर भगवान् विष्णु ही का जप करता रहता था। अपने पुत्र के द्वारा की जाने वाली आज्ञा की यह अवहेलना हिरण्यकश्यप से सहन नहीं हुई और वह अपने पुत्र को मरवाने योजना बनायी। एक दिन उसकी बहिन होलिका-जो आग में जल नहीं सकती थी- प्रहलाद को लेकर जलती चिता में कूद गई। किन्तु प्रह्लाद का बाल-बाँका नहीं हुआ और होलिका भयानक आग में जलकर राख हो गई। इस प्रकार होली के त्योहार को एक भगवान द्वारा भक्त की रक्षा की स्मृति में एवं सत्य की असत्य पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
यह अभी तक जो हमने आपको बताया है यह आपने काफी बार सुना होगा कि होली क्यों मनाई जाती है पहलाद कौन है होली के दिन कैसे धूमधाम से लोग मस्तियां करते रहते हैं।
लेकिन अभी तक आपको आध्यात्मिक ज्ञान पता नहीं है हम बस होली यूं ही इंजॉय के लिए मना रहे हैं हम यह नहीं सोचते हैं कि पहलाद जी को भगवान ने बचाया,वह भगवान कौन है?
और इतना छोटा सा बच्चा इतनी अच्छी भक्ति कर रहा है कि परमात्मा उससे खुश हुए और हम अपने जीवन में क्या कर रहे हैं 😢
कोई भी इंसान सच्चे मन से भक्ति करता है तो परम पिता परमात्मा स्वयं उसकी रक्षा के लिए आते हैं पहलाद सच्चे मन से भक्ति करता था विष्णु भगवान की, लेकिन उसकी रक्षा करने के लिए कबीर साहेब जो सब के दादा है वह आए थे जब भी कोई सच्चे मन से निस्वार्थ भाव से भक्ति करते हैं तो कबीर साहेब आते हैं और उन्हें लाभ देते हैं उनका कल्याण करते हैं।
विश्व में एक ही सच्चे गुरु है जो है संत रामपाल जी महाराज जो हमें हमारे सभी शास्त्रों के गुढ रहस्य बताते हैं हमें शास्त्रों को खोल खोल कर बताते हैं कि आखिर इन में क्या ज्ञान दिया है।
हमारा मनुष्य जन्म बहुत ही अनमोल है वह हमें परमात्मा ने भक्ति करने के लिए दिया है लेकिन हम उसे व्यर्थ गवा देते हैं 😢
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🙇🏼♀संत रामपाल जी महाराज ने 🙏🏻सच्चा ज्ञान देकर वापस हमें अपनी मनुष्य जीवन का उद्देश्य याद दिलाया है और बताया है कि हमारे परमात्मा हमें इस काल की जेल से छुड़ाने के लिए बार-बार आते हैं लेकिन हम इतने नालायक हैं कि इतनी आसान भक्ति भी नहीं करते हैं😢 और शौक मौज में उलझे रहते हैं।
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https://news.jagatgururampalji.org/how-to-celebrate-real-holi/
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