आज के युवाओं
में नशे के सेवन का प्रचलन बहुत ज्यादा देखने को मिलता है। वह शराब, गुटखा , सीगरेट आदि नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। युवाओं का जीवन अंधकार में है। नशे में रहने वाला व्यक्ति अस्थाई रूप से असंवेदनशील रहता है। जिस व्यक्ति को नशे की लत लग जाती है वह अपनी पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक छवी को खो बैठता है। आज के युवा नशा करने को फैशन और बड़े गर्व की बात समझते हैं। नशे में धुत व्यक्ति अपने ही घर में चोरी तक कर बैठते हैं। नशा बहुत से संगीन अपराधों को जन्म देता है।युवाओं और देश के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए लोगों को नशे के जाल से निकालना होगा। इसके लिए बहुत से नशा मुक्ति केंद्र भी खोले गए हैं। टीवी, पत्रिका आदि के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक करना होगा। नशा कर रहें लोगो और नशीले पदार्थ खरीदने और बेचने वालों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। देश को नशा मुक्त करने के लिए परिवार, समाज और देश को मिलकर कोशिश करनी होगी और नशे में फँस चुके व्यक्ति को प्यार और सहानुभूति से ही नशे से मुक्ति दिलानी होगी।
आज के आधुनिक समस में लोग नशा करने के आदि होते जा रहें हैं। वह शराब, सिगरेट, तंबाकू, चरस आदि नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशे ने हमारे पूरे देश को घेर लिया है और लोगों की जिंदगी में अंधकार कर दिया है। ज्यादातर नशे का सेवन युवाओं में देखा जाता है क्योंकि वह विदेशों की संस्कृति को अपनाना चाहते हैं। वह नशा करने को फैशन समझते है और गर्व महसूस करते हैं। नशे के वजह से देश के युवा अंधकार में है और देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है।
नशा करने वाला व्यक्ति अपना मान सम्मान सब कुछ खो देता है। वह अपनी पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति को खराब कर लेता हैं। नशे की लत में पड़कर यह लोग पहले धन देकर नशीले पदार्थ खरीदते हैं। बाद में घर के सामान आदि भी बेचने लगते है। नशे की लत में पड़ा हुआ मनुष्य अस्थाई रूप से असंवेदनशील हो जाता है। नशे की लत के चलते लोग बहुत से अपराधों को भी अंजाम देते हैं। वह चोरी छिपे भी विदेशों से नशीले पदार्थ मंगवाते है। नशा बहुत सी गंभीर बिमारियों को जन्म देता है। इसकी वजह से लीवर और अमाशय कमजोर होता है। कैंसर जैसी गंभीर बिमारियाँ भी इसी से उत्पन्न होती है।
लोगों को नशे से मुक्त करना उनके और देश के भविष्य के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके लिए बहुत से नशा मुक्ति केंद्र भी खोले गए है। देश को नशा मुक्त बनाने के लिए हमें और सरकार को मिलकर प्रयास करना होगा। लोगों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में जागरूक करना होगा। संचार माध्यम जैसे की टीवी, अखबार और पत्रिकाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। नशीले पदार्थों का आयात भारत में बंद किया जाना चाहिए।
नशे की लत धीरे-धीरे लोगों में बढ़ती जा रही है लेकिन संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने से उनका सत्संग सुनने से व्यक्ति की बुरी लत अपने आप कुछ ही दिनों में छूट जाती है जैसे ही व्यक्ति संत रामपाल जी महाराज जी से उपदेश लेते हैं उनकी करना शराब पीना बुरी लते छूट जाती है नशे के कारण व्यक्ति का शरीर खराब होता ही है उसके साथ साथ घर में भी कलह क्हहेेश हमेशा रहता है उनके परिवार वाले उनसे बहुत परेशान रहते हैं और घर में खुशहाली आ जाती हैं। संत रामपाल जी महाराज के लाखों अनुयाई है वह कोई भी नशा नहीं करते हैं किसी भी प्रकार की कोई भी बुराई नहीं करते हैं
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तर्ज:- मिलो ना तुम तो हम घबराए मिलो तो आंख चुराएं हमें क्या हो गया है…….
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नशा न करना मेरे भाई,नशे में आग लगाई,संभल जाओ मेरे भाई।संभल जाओ मेरे भाई।
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नशा पाप का सगा हैं भाई,सच देता नहीं दिखाई,संभल जाओ मेरे भाई।संभल जाओ मेरे भाई।कुछ ना मिलेगा तुमको,पीकर शराब गुटका खाने से,
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घर वाले भी तुमको,रोक देंगे से में घर आने से,कहीं सड़क पर सोना होगा तुमको बिना चटाई संभल जाओ मेरे भाई,संभल जाओ मेरे भाई,नशा न करना…………
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हाथ में बोतल लेकर,चलते हो नागिन जैसी चाल हैं,कपड़े फटे हैं इनके,बिखरे हुए से देखो बाल है ,कोई ना अब पहचाने तुमको हालत कैसे बनाई संभल जाओ मेरे भाई,संभल जाओ मेरे भाई,नशा न करना…………
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काम धाम कुछ कर लो,कैसे चलेगा घर महंगाई में,बच्चे क्या सोएंगे भूखे,अब किट-किट और लड़ाई मेंबच्चे हैं बुखार में तपते,तुम लाते नहीं दवाई।संभल जाओ मेरे भाई।संभल जाओ मेरे भाई ।नशा न करना………..
- तर्ज:- मिलो ना तुम तो हम घबराए मिलो तो आंख चुराएं हमें क्या हो गया है…….
- नशा न करना मेरे भाई,नशे में आग लगाई,संभल जाओ मेरे भाई।संभल जाओ मेरे भाई।
- नशा पाप का सगा हैं भाई,सच देता नहीं दिखाई,संभल जाओ मेरे भाई।संभल जाओ मेरे भाई।कुछ ना मिलेगा तुमको,पीकर शराब गुटका खाने से,
- घर वाले भी तुमको,रोक देंगे से में घर आने से,कहीं सड़क पर सोना होगा तुमको बिना चटाई संभल जाओ मेरे भाई,संभल जाओ मेरे भाई,नशा न करना…………
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