मैं तो दे दीबालम बहरे नू।2
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।2
संसारी दी गल्ला चिन्हे,
ना बूझे शब्द जोगहरे नू।।2।।
मुर्दे सेती प्रीत लगावे,
न जाने सतगुरु मेरे नु।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।
स्वेत छत्र सिर मुकुट विराजे,
देखत ना उस चेहरे नु।।2 ।।
ऊँची थलिया खेती बोवे,
ये भूल गए निज डेरे नु।।2।।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।2
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।2
ये संसार समझदा नाही,
केंदा श्याम दोपहरे नु।।2।।
गरीबदास यह वक्त जात है, रोओगे इस पहरे नूं।।2।।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।
ये संसार समझदा नाही,
केंदा श्याम दोपहरे नु।।2।।
गरीबदास यह वक्त जात है, रोओगे इस पहरे नूं।।2।।
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।2
मैं तो दे दी बालम बहरे नू।2
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